ज्योतिष शास्त्र के विभिन्न सूत्रों के रहस्य को सरलता से समझने तथा फलित में उनके प्रयोग की अनुपम विधि प्रस्तुत है I ५५ जन्म कुण्डलियों पर लागू करके नव ग्रहो के द्वादश भावो में अवस्थित होने से जातक को क्या फल मिलता है तथा ज्योतिष नियमो का ' देश काल पात्र ' को ध्यान में रख कर फलित कथन का उदाहरण दिया गया है I पाठक इस तकनीक के प्रत्येक पद को समझकर प्रयोग करेगे तो फलित की सत्यता शत प्रतिशत हो सकती है I हमें निम्न विषयो पर विशेष प्रकाश प्राप्त हो सकता है :
then obviously you are unhappy and feel you will remain so unless something in your life changes
मंगल कब शुभ कब अशुभ (हिंदी में)
हाथ की रेखाए मनुष्य के भुत -भविष्य की तस्वीर होती है I आप भी इस विधा को सीखे और अपने मित्रों और परिचितों का हाथ देखकर भविष्यवाणियाँ करे और उनमे लोकप्रिय बने I
Rahasya [Hindi] Language:Hindi ज्योतिष शास्त्र के विभिन्न सूत्रों. , , , , , , , , , , , ,